चारधाम-हेमकुंट यात्रा मार्ग पर आज भी जीवित है सेवा और समरसता की परंपरा
चारधाम-हेमकुंट यात्रा मार्ग पर आज भी जीवित है सेवा और समरसता की परंपरा देवभूमि उत्तराखंड की पहचान केवल हिमालय, नदियों और प्राकृतिक सौंदर्य तक सीमित नहीं है। इसकी वास्तविक आत्मा यहां की समृद्ध आध्यात्मिक परंपराओं, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक सहअस्तित्व में बसती है। चारधाम और हेमकुंट साहिब की यात्राएं इस विरासत का सबसे जीवंत और…