मुख्यमंत्री धामी ने कहा—शासन सचिवालय से निकलकर जनता के द्वार तक पहुँचे, इसी सोच से चल रहा “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान

 

मुख्यमंत्री धामी ने कहा—शासन सचिवालय से निकलकर जनता के द्वार तक पहुँचे, इसी सोच से चल रहा “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार द्वारा संचालित “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान निरंतर जनसेवा, सुशासन और पारदर्शिता की दिशा में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। इस अभिनव अभियान के माध्यम से शासन को सीधे आम जनता से जोड़ते हुए उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है।
अभियान के अंतर्गत आज कुल 7 शिविरों (कैंपों) का आयोजन किया गया, जिनमें 5,507 नागरिकों ने प्रतिभाग कर विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ प्राप्त किया। यह दर्शाता है कि आमजन का सरकार पर विश्वास निरंतर मजबूत हो रहा है।
अब तक अभियान के तहत कुल 604 शिविरों का सफल आयोजन किया जा चुका है, जिनमें 4,74,285 से अधिक नागरिकों की सक्रिय सहभागिता रही है। इन शिविरों के माध्यम से राजस्व, समाज कल्याण, स्वास्थ्य, शिक्षा, श्रम, पेंशन, प्रमाण-पत्र, शिकायत निवारण सहित अनेक विभागीय सेवाएं एक ही मंच पर उपलब्ध कराई जा रही हैं।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी का स्पष्ट विज़न है कि शासन केवल सचिवालयों तक सीमित न रहे, बल्कि जनता के द्वार तक पहुँचे। इसी सोच के अनुरूप यह अभियान राज्य में लोक-हितैषी शासन, जवाबदेही और संवेदनशील प्रशासन की मिसाल बन रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुँचाना है और “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान इस संकल्प को साकार करने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने अभियान से जुड़े सभी अधिकारियों-कर्मचारियों के प्रयासों की सराहना करते हुए भविष्य में इसे और अधिक प्रभावी बनाए जाने की बात कही।
प्रदेश सरकार इस अभियान के माध्यम से सेवा, समाधान और संतोष के सिद्धांत पर चलते हुए राज्य को विकास और सुशासन की नई ऊँचाइयों तक ले जाने के लिए संकल्पबद्ध है।

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